| 歌名 | 血塗られた彼女の追憶 |
| 歌手 | 葉月ゆら |
| 专辑 | 鮮血に捧ぐ三度目の黒鏡 |
| [00:25.79] | |
| [00:33.19] | |
| [00:33.80] | さらさら と 輝く長い 髪をなびかせて |
| [00:42.04] | ぎらぎら と 光溢れる 道歩いた |
| [00:50.50] | ひらひら と スカートの裾 揺らし進む私は |
| [00:58.91] | くらくら と 倒れるほどに 夢抱いていた |
| [01:07.17] | |
| [01:07.30] | 満たされてた世界は 変わらないと 信じていた |
| [01:15.55] | 赤く染まった 花びらを見つめて |
| [01:23.18] | 気付かずに 響いていた 汽笛の音 |
| [01:31.52] | “私”の命 終わりを告げた |
| [01:42.72] | |
| [01:53.32] | |
| [01:53.80] | ゆらゆら と 彷徨う命“自死体”見下ろした |
| [02:01.33] | きらきら と 撒き散らしてる 赤い雫 |
| [02:09.13] | ちらちら と 覗いた情緒 美しいと思った |
| [02:16.58] | はらはら と こぼれた涙 悲しくは無くて |
| [02:24.17] | |
| [02:24.25] | 私が消え 世界は 何も変わる事はなくて |
| [02:31.91] | 一人彷徨い 居場所を求めてた |
| [02:38.90] | 私の名 呼び出す声 響き渡る |
| [02:46.44] | 手繰り寄せ 見つけた |
| [02:51.38] | |
| [02:52.19] | 呼んでくれた少女の声は 私を導いた |
| [02:59.83] | 細すぎる その身体に近づき |
| [03:04.27] | 蝕むように 夢を喰らい尽くした |
| [03:08.28] | |
| [03:08.30] | 『似たもの同士 居心地の良い貴女の |
| [03:15.02] | その命 尽き果てるまで 私と楽しみましょう?』 |
| [03:25.70] | |
| [03:52.84] | |
| [03:53.90] | 二人で求め 二人で過ごした日々は |
| [04:08.80] | 甘く燃えるような 幻想に変わり 快感に気付く |
| [04:20.00] | |
| [04:20.07] | 呼んでくれた少女の口は 私の声のまま |
| [04:27.26] | 巻き込んだ その“死体”に近づき |
| [04:31.83] | 蝕むように 肉を食い散らかした |
| [04:35.92] | |
| [04:36.00] | 『似たもの同士 通じ合うこの私と |
| [04:42.61] | その命 震えるほどの 興奮を脳裏に刻みましょう?』 |
| [04:54.60] | |
| [04:56.20] | 终わり |
| [04:56.86] |
| [00:33.80] | 任光洁长发飒飒飘舞 |
| [00:42.04] | 踏足于满溢光芒之路 |
| [00:50.50] | 裙摆飞扬,伴吾前行 |
| [00:58.91] | 头晕目眩,怀梦倒下 |
| [01:07.30] | 相信被充满的此世,不存变化 |
| [01:15.55] | 但见腥红所染,灿烂群芳 |
| [01:23.18] | 然未听闻,鸣响汽笛之音 |
| [01:31.52] | “余”之生命,宣告终结 |
| [01:53.80] | 轻缓摇曳仅俯视此尸 |
| [02:01.33] | 闪烁并洒落赤红鲜血 |
| [02:09.13] | 时隐时现流露之情,以斯为美 |
| [02:16.58] | 飘落洒下满溢之泪,悲哀不存 |
| [02:24.25] | 吾既消逝,然此世一如既往 |
| [02:31.91] | 孑然彷徨,但寻求容身之所 |
| [02:38.90] | 呼喊吾名之声,耳畔响彻 |
| [02:46.44] | 欲引吾身之手,已入目光 |
| [02:52.19] | 呼唤的少女之音,予吾指引 |
| [02:59.83] | 与彼身躯如此相近 |
| [03:04.27] | 将梦尽噬,缓缓侵蚀 |
| [03:08.30] | “二者如此相似 在你感觉优良 |
| [03:15.02] | 于生命终结之前 同余共寻欢乐吧” |
| [03:53.90] | 求取二人,共度的时光 |
| [04:08.80] | 似炽烈燃烧,化作幻想,沉溺于欢喜 |
| [04:20.07] | 呼唤的少女之口,传递吾声 |
| [04:27.26] | 牵连于吾,同此尸体如此相近 |
| [04:31.83] | 予以啃噬,如受侵蚀 |
| [04:36.00] | “是如此相似的二人 同余牵连 |
| [04:42.61] | 即连生命亦足震颤 那兴奋镌于心中” |
| [04:56.20] |